डेस्क: उत्तर प्रदेश, निकाय चुनाव में बसपा के प्रदर्शन को पार्टी के कमबैक के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती पूरी कोशिश कर रही हैं कि पार्टी की छवि अच्छी बनी रहे और इसके लिए वो दागी नेताओं पर कोई दया नहीं दिखा रही हैं और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर रही हैं। मायावती ने राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटों सलमान व फरमान को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, साथ ही सांसद को हिदायत दे दी कि यदि पुत्र के खिलाफ की गई कार्रवाई उन्हें बुरी लगती है तो वे भी पार्टी छोड़कर जा सकते हैं। मायावती ने गुरुवार को एक बयान में सत्ता व संगठन में अपने पूर्व के तमाम सख्त फैसलों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई का ऐलान किया ।

उन्होंने कहा, पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटे की पत्नी हाल ही में मेरठ जिले की किठौर नगर पंचायत से पार्टी टिकट पर अध्यक्ष चुनी गई हैं। पता चला है कि सांसद के बेटे सलमान वहां अपने कुछ समर्थकों के साथ एक दुकान पर जबरन कब्जा व एक दलित की दुकान में तोड़फोड़ करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा, इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया और कानून हाथ में लेने की वजह से अली के बेटों को बसपा से निकाल दिया गया है।